पैसो के बारे में आमिर लोग अपने बच्चो को ऐसा क्या सिखाते हैं ?


पैसो के बारे में अमीर लोग अपने बच्चो को  ऐसा  क्या सिखाते हैं  , जो गरीब और माधयम वर्ग के माता -पिता अपने बच्चो को

नहीं सिखाते। रोबर्ट कियोसाकि के अनुशार स्कुल में सिखाया जाता है , रोज स्कुल जाओ , अच्छे नंबर  लाओ ,और  सरकारी नौकरी

करो। यदि स्कूल नहीं जाओ गे  तो परीक्षा अच्छे नबर से पास नहीं कर सकते हो , जिससे तुम्हे नौकरी नहीं मिलेगी। स्कूल अच्छा माधयम है

बुद्धि  हासिल करने के लिए लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं है।  सफल होने के लिए केवल स्कूली ज्ञान ही नहीं  इसके लिए अधयत्मिक ज्ञान की भी आवस्यकता होती है रॉबर्ट कियोसाकि जब छोटा थे तो उन्हीने अपने दो पिताओं से ज्ञान हासिल किया।  दो पिता का मतलब  एक अपने पिता और दूसरे अपने दोस्त का पिता। दोनों एक दूसरे से बहुत अलग थे  . एक आमिर थे और दूसरे गरीब। गरीब पिता बहुत पढ़े लिखे थे।

वे स्कूल और कॉलेज की ज्ञान को बहुत मानते थे इसलिए अपने बच्चो को स्कूल भेजते और ज्यादा बुद्धि  हासिल कर कोई अच्छी

से नौकरी कर जीवन वयतीत करे पर  विश्वास  करते थे। ठीक इसके विपरीत दूसरे पिता ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे परन्तु।

बहुत ज्यादा आमिर थे। क्योंकि उनका मानना था की आमिर बनने के लिए नौकरी नहीं बल्कि व्यापार करना चाहिए। और इसके लिए

ज्यादा पढ़े लिखे होने की आवस्यकता भी नहीं है।  उन्होंने बहुत ही कम पैसो से शुरुआत  कर अपना व्यापार बड़ा किया और हवाई छेत्र  के

सबसे आमिर व्यक्ति बन गए थे।  उन्ही दोनों पिताओं से हासिल ज्ञान से रोबर्ट कियोसाकि भी आमिर बन गए।

और उस ज्ञान को उन्होंने अपने किताब रिच डैड और पुअर डैड में लिखा है।

रोबर्ट कियोसाकि के अनुशार – आमिर लोग पैसो की लिए काम नहीं करते हैं , बल्कि  पैसा उनके लिए काम करता है।

इस बात पर सचाई है , गरीब और माधयम वर्ग के पास जितना समय रहता है उतना ही समय आमिर लोगो के पास होता  फिर भी वे लोग गरीब और माधयम लोगो की तुलना में ज्यादा पैसे कमाते हैं क्योंकि उनके पास पैसा से काम करने के लिए लोग होते।

गरीब और माध्यम लोगो अपना काम को खोद से ही काम करते हैं। जिससे समय की बर्बादी होती है।  और आमिर लोग

छोटा छोटा काम के लिए भी लोग रखे होते हैं ,जैसे गाड़ी चलना , छोटा बड़ा घर का काम ,कपडे धोना , बर्तन साफ करना।  और

भी  बहुत कुछ जिससे खुद की पर्सनालिटी विकसित करने  और ज्यादा ज्ञान हासिल करने में समय लगते हैं।

रोबेट कियोसाकि के अनुशार – पैसा कमाने के लिए मुख्य रूप से चार भाग हैं

   1 . > e  से होता है एम्प्लॉय  – नौकरी पेशा वाला – जैसे  कोई किसी कंपनी में काम करता है ,

                             2 . >  s  से होता है  सेल्फ एम्प्लॉय – यानि  खुद से काम करने वाला , जैसे – डॉक्टर ,दुकानदार 

                                 3 . > b  से होता है बिजनेस मेन – यानि जो बिजिनेस करता है। 

                                 4 . > i  से होता है इन्वेस्टर  – कंपनी में पैसा लगाने वाला।    

                                नौकरी के दौरान भी कैसे आप बिजनेस को शुरू कर सकते या इन्वेस्टर बन सकते हो रोबर्ट कियोसाकि 

की किताब रिच डैड और पुअर डैड में बहुत ही बेहतरीन ढंग से बताया गया।  

इस तरह की बहुत सी जानकारी इस किताब में दिया गया है यदि आप ज्यादा सीखना है तो इस किताब को इस लिंक से ख़रीदे

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